Tag: #जपुजी साहिब का नित्य पाठ
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japji sahib simple hindi
जपजी साहिब इक ओंअंकार सतनाम करता पुरख निरभौ निरवैर अकाल मूरत अजूनी सैभं गुर प्रसाद ॥ ॥ जप ॥ आद सच जुगाद सच ॥ है भी सच नानक होसी भी सच ॥ सोचै सोच न होवई जे सोची लख वार ॥चुपै चुप न होवई जे लाइ रहा लिव तार ॥भुखिआ भुख न उतरी जे बंना…